कर शस्त्रों और गोला-बारूद निर्माण को गति दी। रात आठ बजे और अहमद कुली खान के साथ राज्य के हालचाल पर चर्चा की। 3 जुलाई के दिन सामान्य परेड के संचलन के समय लगभग बीस हजार सिपाही उपस्थित थे।’’
बख्त खान के आगमन के कारण दिल्ली के क्रांतिकारी पक्ष को जब उसने कुछ संगठनात्मक रूप देना प्रारंभ किया-उसी समय दूसरी ओर अंगे्रजी पक्ष को भी पंजाब और अन्य हिस्सों से भी उत्साही और साहसी नई कुमुक मिल रही थी। पंजाब से
कर शस्त्रों और गोला-बारूद निर्माण को गति दी। रात आठ बजे और अहमद कुली खान के साथ राज्य के हालचाल पर चर्चा की। 3 जुलाई के दिन सामान्य परेड के संचलन के समय लगभग बीस हजार सिपाही उपस्थित थे।’’
बख्त खान के आगमन के कारण दिल्ली के क्रांतिकारी पक्ष को जब उसने कुछ संगठनात्मक रूप देना प्रारंभ किया-उसी समय दूसरी ओर अंगे्रजी पक्ष को भी पंजाब और अन्य हिस्सों से भी उत्साही और साहसी नई कुमुक मिल रही थी। पंजाब से