1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

ऐसी महŸवकांक्षा उत्पन्न होने के कारण पहले ही बहुत अधिक अनुशासनहीन हुई अंगे्रजी सेना में और अधिक अनुशासनहीनता होने की आशंका है, यह देखकर हैवलाॅक ने नील को साफ-साफ कहा, ‘‘जनरल नील, अब हम दोनों एक-दूसरे का साफ पहचान लें तो ठीक होगा। जब तक मैं यहां हूं, पूरा शासन मेरे अधीन रहेगा, तुम कोई भी आदेश जारी नहीं करोगे।’’ इस सार्वजनिक कार्य मंे व्यक्ति विषयक मत्सर न हो, इसलिए कानपुर को नील ने संभाला और लखनऊ को


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ऐसी महŸवकांक्षा उत्पन्न होने के कारण पहले ही बहुत अधिक अनुशासनहीन हुई अंगे्रजी सेना में और अधिक अनुशासनहीनता होने की आशंका है, यह देखकर हैवलाॅक ने नील को साफ-साफ कहा, ‘‘जनरल नील, अब हम दोनों एक-दूसरे का साफ पहचान लें तो ठीक होगा। जब तक मैं यहां हूं, पूरा शासन मेरे अधीन रहेगा, तुम कोई भी आदेश जारी नहीं करोगे।’’ इस सार्वजनिक कार्य मंे व्यक्ति विषयक मत्सर न हो, इसलिए कानपुर को नील ने संभाला और लखनऊ को


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