कर किंचित् भावविहृल होकर श्रीमंत बाला साहब ने कहा कि कानपुर में जब हम हारे उस समय तात्या तोपें, जलका रामभाऊ और लालपुरी गोसानी आदि हमारे सरदार कहां गए,
1857 का स्वातंत्र्य समर - 257
हमें यह ज्ञात नहीं। पर वे शूर हैं, अतः उनकी हमें चिंता नहीं है। आपको छोड़कर जाना अवश्य हमारे लिए कठिन हो रहा है, पर उपाय नहीं। हिंदू धर्म के लिए और हिंदू राज्य के लिए फिर से एक बार प्रयास करने होंगे। इस हेतु यह संकट जो ईश्वर ने हमारे कारण आप पर लादा है,
कर किंचित् भावविहृल होकर श्रीमंत बाला साहब ने कहा कि कानपुर में जब हम हारे उस समय तात्या तोपें, जलका रामभाऊ और लालपुरी गोसानी आदि हमारे सरदार कहां गए,
1857 का स्वातंत्र्य समर - 257
हमें यह ज्ञात नहीं। पर वे शूर हैं, अतः उनकी हमें चिंता नहीं है। आपको छोड़कर जाना अवश्य हमारे लिए कठिन हो रहा है, पर उपाय नहीं। हिंदू धर्म के लिए और हिंदू राज्य के लिए फिर से एक बार प्रयास करने होंगे। इस हेतु यह संकट जो ईश्वर ने हमारे कारण आप पर लादा है,