1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

‘‘दिल्ली पर से अपनी पकड़ रŸाी भर भी ढीली करना इष्ट नहीं है। निष्ठुर कालपाश की तरह उसके कंठ में पड़ा अपना यह पाश अभेद्य और अटल रहना चाहिए। दिल्ली का घेरा हमने उठाया तो पंजाब भी हाथ से चला जाएगा, हिंदुस्थान हाथ से जाएगा, साम्राज्य हाथ से जाएगा।’’

बेअर्ड स्मिथ के इस करारे उपदेश से उत्साहित होकर दिल्ली जीतने के पहले लौटना नहीं- ऐसा दृढ़ निश्चय जब अंगे्रजी कमांडर ब्रिगेडियर विल्सन कर रहा था तब भी विद्रोहियों


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‘‘दिल्ली पर से अपनी पकड़ रŸाी भर भी ढीली करना इष्ट नहीं है। निष्ठुर कालपाश की तरह उसके कंठ में पड़ा अपना यह पाश अभेद्य और अटल रहना चाहिए। दिल्ली का घेरा हमने उठाया तो पंजाब भी हाथ से चला जाएगा, हिंदुस्थान हाथ से जाएगा, साम्राज्य हाथ से जाएगा।’’

बेअर्ड स्मिथ के इस करारे उपदेश से उत्साहित होकर दिल्ली जीतने के पहले लौटना नहीं- ऐसा दृढ़ निश्चय जब अंगे्रजी कमांडर ब्रिगेडियर विल्सन कर रहा था तब भी विद्रोहियों


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