ऐसे अनुशासनबद्ध होकर बढ़ते जाते थे। जबकि चारदीवारी के अंदर अवज्ञा और अनुशासनहीन व्यवहार वृद्धि पा रहा था। अंगे्रजों की ओर जो नेटिव थे वे तोपों की मार में बैटरी निर्माण के कार्य में इतनी दृढ़ता से लगे रहते कि फाॅरेस्ट लिखता है-‘‘नेटिव लोगों में कूट-कूटकर समाए निश्चलता के शौर्य का उन्होंने कमाल दिखाया। एक के बाद एक आदमी मरता जा रहा था-मृतक के लिए एक क्षण वे ठहरते, एक-दो आंसु बहाते, शवों की पंक्ति में वह
ऐसे अनुशासनबद्ध होकर बढ़ते जाते थे। जबकि चारदीवारी के अंदर अवज्ञा और अनुशासनहीन व्यवहार वृद्धि पा रहा था। अंगे्रजों की ओर जो नेटिव थे वे तोपों की मार में बैटरी निर्माण के कार्य में इतनी दृढ़ता से लगे रहते कि फाॅरेस्ट लिखता है-‘‘नेटिव लोगों में कूट-कूटकर समाए निश्चलता के शौर्य का उन्होंने कमाल दिखाया। एक के बाद एक आदमी मरता जा रहा था-मृतक के लिए एक क्षण वे ठहरते, एक-दो आंसु बहाते, शवों की पंक्ति में वह