निरूत्साह का जोर! दिल्ली के बाहर बढ़ता जा रहा दबाव और दिल्ली के अंदर अस्त होता जा रहा यह उत्साह-इन दोनों का ही अंत करने के लिए सिंतबर की 14 तारीख उदय हुई।
1857 का स्वातंत्र्य समर - 277
अंगे्रजी सेना के चार विभाग कर उसमें से पहले तीन विभाग निकल्सन के अधीन कश्मीरी दरवाजे से घुसने के लिए भेजे गए और काबुल दरवाजे से घुसने के लिए चैथा भाग मेजर रीड के अधीन अंगे्रजों की दाईं ओर खड़ा हो गया। इन दो स्थानों
निरूत्साह का जोर! दिल्ली के बाहर बढ़ता जा रहा दबाव और दिल्ली के अंदर अस्त होता जा रहा यह उत्साह-इन दोनों का ही अंत करने के लिए सिंतबर की 14 तारीख उदय हुई।
1857 का स्वातंत्र्य समर - 277
अंगे्रजी सेना के चार विभाग कर उसमें से पहले तीन विभाग निकल्सन के अधीन कश्मीरी दरवाजे से घुसने के लिए भेजे गए और काबुल दरवाजे से घुसने के लिए चैथा भाग मेजर रीड के अधीन अंगे्रजों की दाईं ओर खड़ा हो गया। इन दो स्थानों