1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

जोन्स और योद्धा निकल्सन ये तीन प्रमुख सेनापति अपनी निडर सेना को-‘चलो मर्दों, चलो’ इस युद्ध गीत से आह्यन करते हुए काबुल दरवाजे की ओर लड़ते हुए निकले। जो भी तोप के रास्ते में मिले उसे कब्जाते, जो भी टेकरी दिखे उसपर अंगे्रजी झंडा फहराते और मार-काट करते-करते ब्रिटिश सेना बर्नबेस्टन स्थान तक आ पहुंची। परंतु यहां से अब खाली तोपें, बेजान टेकरियों और शूरशून्य रणक्षेत्र के स्थान पर ‘दीन बोलो।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 279


1347 of 2102

जोन्स और योद्धा निकल्सन ये तीन प्रमुख सेनापति अपनी निडर सेना को-‘चलो मर्दों, चलो’ इस युद्ध गीत से आह्यन करते हुए काबुल दरवाजे की ओर लड़ते हुए निकले। जो भी तोप के रास्ते में मिले उसे कब्जाते, जो भी टेकरी दिखे उसपर अंगे्रजी झंडा फहराते और मार-काट करते-करते ब्रिटिश सेना बर्नबेस्टन स्थान तक आ पहुंची। परंतु यहां से अब खाली तोपें, बेजान टेकरियों और शूरशून्य रणक्षेत्र के स्थान पर ‘दीन बोलो।


1857 का स्वातंत्र्य समर - 279


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