साहब को वे आगे कर देते। ऐसा दगा देखकर विद्रोही लज्जित होकर निकल जातें विद्रोहियों के जो अचूक और विविश्रांत बंदूकबाज थे उन सबमें अवध के भूतपूर्व नवाब का एक अफ्रीकन खोजा अंगे्रजों की रेसीडेंसी में बहुत खलबली मचाए हुए था। उसे अंगे्रज ‘ओथेलो’ कहते थे। चाल्र्स बाॅल लिखता है-‘‘जोहांस के घर पर बैठकर यह अफ्रीकी खोजा दिन-रात गोलियां दागता रहता था। उसके अचूक निशाने और प्राणहारी गोलियों से यूरोपियन लोग चटपट मरते
साहब को वे आगे कर देते। ऐसा दगा देखकर विद्रोही लज्जित होकर निकल जातें विद्रोहियों के जो अचूक और विविश्रांत बंदूकबाज थे उन सबमें अवध के भूतपूर्व नवाब का एक अफ्रीकन खोजा अंगे्रजों की रेसीडेंसी में बहुत खलबली मचाए हुए था। उसे अंगे्रज ‘ओथेलो’ कहते थे। चाल्र्स बाॅल लिखता है-‘‘जोहांस के घर पर बैठकर यह अफ्रीकी खोजा दिन-रात गोलियां दागता रहता था। उसके अचूक निशाने और प्राणहारी गोलियों से यूरोपियन लोग चटपट मरते