दूसरा घोषणापत्र जारी किया। उसमें वे कहते हैं-‘‘जीम राजगान वो रोसाए हिंद पर वाझे होके तुम बेहामा उजूः नेकी और फय्याजी में मुश्तईर उद्दईर हों ं ं ंखुदावंत ने तुमको ये मर्तबए आली और मुल्क और दौलत और हुकूमत इसी वास्ते बख्शी है कि तुम उन लोगों को, जो तुम्हारे मजहब में दखलंदाजी करें, गारद करों ं ं ं।’’ (हमें ईश्वर ने संपति, देश, अधिकार किस लिए दिए हैं? ये सभी केवल व्यक्ति से संबंधित सुख-भोग के लिए न होकर स्वधर्म-संरक्षण के पवित्र हेतु के लिए हैं।)
दूसरा घोषणापत्र जारी किया। उसमें वे कहते हैं-‘‘जीम राजगान वो रोसाए हिंद पर वाझे होके तुम बेहामा उजूः नेकी और फय्याजी में मुश्तईर उद्दईर हों ं ं ंखुदावंत ने तुमको ये मर्तबए आली और मुल्क और दौलत और हुकूमत इसी वास्ते बख्शी है कि तुम उन लोगों को, जो तुम्हारे मजहब में दखलंदाजी करें, गारद करों ं ं ं।’’ (हमें ईश्वर ने संपति, देश, अधिकार किस लिए दिए हैं? ये सभी केवल व्यक्ति से संबंधित सुख-भोग के लिए न होकर स्वधर्म-संरक्षण के पवित्र हेतु के लिए हैं।)