1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar




1857 का स्वातंत्र्य समर - 45

के लिए सारा हिंदुस्थान जीता था, उन सिपाहियों से इतना क्रूर व्यवहार किया जाता कि जनरल आॅर्थर वेलेजली घायल हुए सिपाहियों का उपचार करने के स्थान पर उन्हें तोप से उड़ा देता। इस तरह हिंदुस्थान के कोने-कोने में भयंकर क्रांतियुद्ध के बीज अंगे्रज लगातर बोते आ रहे थे और उनके इन प्रयासों को सफलता जल्दी ही प्राप्त होगी, ऐसे चिहृ प्रादुर्भूत होने में अधिक देर नहीं लगती।

डलहौजी


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1857 का स्वातंत्र्य समर - 45

के लिए सारा हिंदुस्थान जीता था, उन सिपाहियों से इतना क्रूर व्यवहार किया जाता कि जनरल आॅर्थर वेलेजली घायल हुए सिपाहियों का उपचार करने के स्थान पर उन्हें तोप से उड़ा देता। इस तरह हिंदुस्थान के कोने-कोने में भयंकर क्रांतियुद्ध के बीज अंगे्रज लगातर बोते आ रहे थे और उनके इन प्रयासों को सफलता जल्दी ही प्राप्त होगी, ऐसे चिहृ प्रादुर्भूत होने में अधिक देर नहीं लगती।

डलहौजी


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