1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

न्यू स्काॅटलैंड यार्ड ने 6 नवंबर, 1908 को पुस्तक के छपने की रिपोर्ट ब्रिटिश सरकार को दी, जो तुरंत भारत सरकार को भेजी गई 14 दिसंबर, 1908 के तत्कालीन ब्रिटिश वायसराय लाॅर्ड मिंटों ने आदेश यिा कि पुस्तक के भारत प्रवेश को हमें रोकना होगा। गुप्तचर विभाग के निदेशक ने 18 दिसंबर को लिखा कि निस्संदेह यह पुस्तक बहुत आपत्तिजनक होगी और इसे समुद्र कस्टम्स ऐक्ट की धारा 19 के अंतर्गत प्रतिबंधित करना ठीक होगा और उस


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न्यू स्काॅटलैंड यार्ड ने 6 नवंबर, 1908 को पुस्तक के छपने की रिपोर्ट ब्रिटिश सरकार को दी, जो तुरंत भारत सरकार को भेजी गई 14 दिसंबर, 1908 के तत्कालीन ब्रिटिश वायसराय लाॅर्ड मिंटों ने आदेश यिा कि पुस्तक के भारत प्रवेश को हमें रोकना होगा। गुप्तचर विभाग के निदेशक ने 18 दिसंबर को लिखा कि निस्संदेह यह पुस्तक बहुत आपत्तिजनक होगी और इसे समुद्र कस्टम्स ऐक्ट की धारा 19 के अंतर्गत प्रतिबंधित करना ठीक होगा और उस


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