नहीं हैं-फिर भी सन् 1857 तक उन्हें इस सफलता के संबंध में पूरा विश्वास था। औरंगजेब जैसे खुले द्वेष से भी भयानक गला काटनेवाला द्वेष करने और हिंदुस्थान को अनजाने ईसामय बना डालने का उनका दृढ़ उद्देश्य था। इतना ही नहीं अपितु इस हेतु उनके खुले प्रयास भी चल रहे थे। हिंदुस्थान में पाश्चात्य शिक्षा-पद्वति प्रारंभ करनेवाला मैकाले अपने एक निजी पत्र में लिखता है-अपनी यह शिक्षा प्रणाली ऐसी ही बनी रही तो तीस वर्ष
नहीं हैं-फिर भी सन् 1857 तक उन्हें इस सफलता के संबंध में पूरा विश्वास था। औरंगजेब जैसे खुले द्वेष से भी भयानक गला काटनेवाला द्वेष करने और हिंदुस्थान को अनजाने ईसामय बना डालने का उनका दृढ़ उद्देश्य था। इतना ही नहीं अपितु इस हेतु उनके खुले प्रयास भी चल रहे थे। हिंदुस्थान में पाश्चात्य शिक्षा-पद्वति प्रारंभ करनेवाला मैकाले अपने एक निजी पत्र में लिखता है-अपनी यह शिक्षा प्रणाली ऐसी ही बनी रही तो तीस वर्ष