क्रांतिकारी पक्ष की इस अपरिहार्य स्तब्धता का अंगे्रजों को बहुत लाभ हुआ। अंगे्रजों के पैर हिंदुस्थान में पड़ने के बाद से आज तक उन्हंे ऐसी भयानक वार्Ÿाा सुनने का अवसर कभी भी नहीं आया था। इस मई माह में बैरकपुर से सीधे आगरा तक कोई सात सौ पचास मील में केवल एक गोरी रेजिमंेट थी। ऐसी स्थिति में क्रांतिकारी पक्ष के पूर्व संकेतानुसार यदि यह सारा प्रदेश एकदम उठ गया होता तो दस इंग्लैंड भी इकट्ठा हो जाते तो भी
क्रांतिकारी पक्ष की इस अपरिहार्य स्तब्धता का अंगे्रजों को बहुत लाभ हुआ। अंगे्रजों के पैर हिंदुस्थान में पड़ने के बाद से आज तक उन्हंे ऐसी भयानक वार्Ÿाा सुनने का अवसर कभी भी नहीं आया था। इस मई माह में बैरकपुर से सीधे आगरा तक कोई सात सौ पचास मील में केवल एक गोरी रेजिमंेट थी। ऐसी स्थिति में क्रांतिकारी पक्ष के पूर्व संकेतानुसार यदि यह सारा प्रदेश एकदम उठ गया होता तो दस इंग्लैंड भी इकट्ठा हो जाते तो भी