के धर्म को दुखाने का हमारा कोई इरादा नहीं हैं सिपाही चाहें तो कारतूस अपने हाथों से बना लें। कंपनी का नमक जिन्होंने खाया है उनका ही यह विद्रोह करना पाप है।’’ इस प्रकार की
1857 का स्वातंत्र्य समर - 116
बातों से भरा एक घोषणापत्र निकालने का अधिकार है या नहीं, जहां यही विवादास्पद विषय है वहां नया घोषणापत्र निकालने का अर्थ वह विवाद समाप्त करना नहीं बल्कि उसे चिढ़ाना है। लेकिन हिंदुस्थान के पास अब यह घोषणापत्र पढ़ने का समय नहीं है,
के धर्म को दुखाने का हमारा कोई इरादा नहीं हैं सिपाही चाहें तो कारतूस अपने हाथों से बना लें। कंपनी का नमक जिन्होंने खाया है उनका ही यह विद्रोह करना पाप है।’’ इस प्रकार की
1857 का स्वातंत्र्य समर - 116
बातों से भरा एक घोषणापत्र निकालने का अधिकार है या नहीं, जहां यही विवादास्पद विषय है वहां नया घोषणापत्र निकालने का अर्थ वह विवाद समाप्त करना नहीं बल्कि उसे चिढ़ाना है। लेकिन हिंदुस्थान के पास अब यह घोषणापत्र पढ़ने का समय नहीं है,