कमाने के नशे में गर्क हो जाएं। लोगों के किसान हो जाने पर उनके सैनिकी गुण घुटते जाते हैं, वे शांति के बहुत भूखे हो जाते हैं और उनकी खेती में बाधक राज्य क्रांतियों की लहरों को उनकी अनुमति सहज नहीं मिलती। ऐसी गहरी राजनीति सिंह का साम्राज्य और स्वतंत्रता नष्ट हुए दस वर्ष बीतते-बीतते पंजाब में हर कोई तलवार छोड़कर हल की मूंठ पकड़ने लगा और जिसने स्वयं हल नहीं पकड़ा ऐसे सिख सिपाहियों ने अंगे्रजी लश्कर में प्रवेश
कमाने के नशे में गर्क हो जाएं। लोगों के किसान हो जाने पर उनके सैनिकी गुण घुटते जाते हैं, वे शांति के बहुत भूखे हो जाते हैं और उनकी खेती में बाधक राज्य क्रांतियों की लहरों को उनकी अनुमति सहज नहीं मिलती। ऐसी गहरी राजनीति सिंह का साम्राज्य और स्वतंत्रता नष्ट हुए दस वर्ष बीतते-बीतते पंजाब में हर कोई तलवार छोड़कर हल की मूंठ पकड़ने लगा और जिसने स्वयं हल नहीं पकड़ा ऐसे सिख सिपाहियों ने अंगे्रजी लश्कर में प्रवेश