1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar




1857 का स्वातंत्र्य समर - 124

चाणक्य (धूर्त) चीफ कमिश्नर को समाचार की भयंकरता पूरी तरह समझ में आ गई और अंगे्रजी साम्राज्य को उलट देनेवाले इस आघात से निपटने वह रावलपिंडी में ही जमकर बैठ गया।

इस समय पंजाब की अंगे्रजी सेना का अधिकतर हिस्सा मियां मीर में था। मियां मीर की छावनी, लाहौर के बहुत पास थी, अतः लाहौर के किले पर उन्हीं सिपाहियों में से चुने हुए सिपाही सुरक्षा के लिए रखे गए थे। इस छावनी में


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1857 का स्वातंत्र्य समर - 124

चाणक्य (धूर्त) चीफ कमिश्नर को समाचार की भयंकरता पूरी तरह समझ में आ गई और अंगे्रजी साम्राज्य को उलट देनेवाले इस आघात से निपटने वह रावलपिंडी में ही जमकर बैठ गया।

इस समय पंजाब की अंगे्रजी सेना का अधिकतर हिस्सा मियां मीर में था। मियां मीर की छावनी, लाहौर के बहुत पास थी, अतः लाहौर के किले पर उन्हीं सिपाहियों में से चुने हुए सिपाही सुरक्षा के लिए रखे गए थे। इस छावनी में


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