1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

किया। इस सहायता की पहली खेप डाॅली के अधीन भेजी गइ्र गाइड कोर रेजिमंेट थी। जाॅन लाॅरंेस का डाॅली की बहादुरी पर बहुत विश्वास था और इसीलिए दिल्ली पर चढ़ाई करने के लिए उसने उसी को चुनां डाॅली अपनी रेजिमंेट लेकर मंजिल-दर-मंजिल दिल्ली की ओर बढ़ा और बुंदेल की सराय की लड़ाई के दूसरे दिन वहां की अंगे्रजी सेना से आकर मिल गया। दिल्ली के घेरे में अब दो नेटिव रेजिमेंट हो गई थी-एक गुरखों की रीड के अधीन और दूसरी डाॅली


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किया। इस सहायता की पहली खेप डाॅली के अधीन भेजी गइ्र गाइड कोर रेजिमंेट थी। जाॅन लाॅरंेस का डाॅली की बहादुरी पर बहुत विश्वास था और इसीलिए दिल्ली पर चढ़ाई करने के लिए उसने उसी को चुनां डाॅली अपनी रेजिमंेट लेकर मंजिल-दर-मंजिल दिल्ली की ओर बढ़ा और बुंदेल की सराय की लड़ाई के दूसरे दिन वहां की अंगे्रजी सेना से आकर मिल गया। दिल्ली के घेरे में अब दो नेटिव रेजिमेंट हो गई थी-एक गुरखों की रीड के अधीन और दूसरी डाॅली


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