की जल्दी करने लगे। पहाड़ी लोगों को ध्नबल पर खरीदते ही जाॅन लाॅरेंस ने पंजाब में इधर-उधर सुलगते असंतोष को वहीं-का-वही दबा देने के लिए एक घुमंतू सेना का निर्माण किया। इस सेना में अनुभवी, कसे हुए, जिनकी ईमानदारी पर अंगे्रजों को पूरा विश्वास था, ऐसे नेटिव सिपाही एवं अंगे्रज सोल्जर लिये जाते। इस ेसना का गठन होते-होते ही उसके लिए एक काम तैयार हो गया, क्योंकि पेशावर की ओर के भारतीय सिपाहियों में मियां मीर
की जल्दी करने लगे। पहाड़ी लोगों को ध्नबल पर खरीदते ही जाॅन लाॅरेंस ने पंजाब में इधर-उधर सुलगते असंतोष को वहीं-का-वही दबा देने के लिए एक घुमंतू सेना का निर्माण किया। इस सेना में अनुभवी, कसे हुए, जिनकी ईमानदारी पर अंगे्रजों को पूरा विश्वास था, ऐसे नेटिव सिपाही एवं अंगे्रज सोल्जर लिये जाते। इस ेसना का गठन होते-होते ही उसके लिए एक काम तैयार हो गया, क्योंकि पेशावर की ओर के भारतीय सिपाहियों में मियां मीर