सिख और नाभा द्वारा सहायता के लिए भेजा लश्कर-ये सब नदी किनारे की सुरक्षा करने लगे। क्रांतिकारियों को जब पुल तोड़े जाने का समाचार मिला तो वे वहां से चार मील दूर जाकर नदी के पर उतरने लगे। उनकी कुछ सेना नावों द्वारा उस पार हो गई थी, कुछ हो रही थी और कुछ किनारे पर ही खड़ी थी। यह अवसर उचित व अनुकूल समझकर अंगे्रजों और सिखों ने उन पर तोपखाने से हमला शुरू कर दिया। यह समय रात के दस बजे का था, इसलिए अंगे्रजों की सेना निकट ही है,
सिख और नाभा द्वारा सहायता के लिए भेजा लश्कर-ये सब नदी किनारे की सुरक्षा करने लगे। क्रांतिकारियों को जब पुल तोड़े जाने का समाचार मिला तो वे वहां से चार मील दूर जाकर नदी के पर उतरने लगे। उनकी कुछ सेना नावों द्वारा उस पार हो गई थी, कुछ हो रही थी और कुछ किनारे पर ही खड़ी थी। यह अवसर उचित व अनुकूल समझकर अंगे्रजों और सिखों ने उन पर तोपखाने से हमला शुरू कर दिया। यह समय रात के दस बजे का था, इसलिए अंगे्रजों की सेना निकट ही है,