उनके शरीरों के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। कर्नल पेनी, कैप्टन स्पाॅटिस वुड भी इस लड़ाई में मारे गए। फिर उस शहर से आशा छोड़कर सारे अंगे्रज बोरिया-बिस्तर लिये भाग खड़े हुए। विद्रोहियों ने खजाना अपने नियंत्रण में कर लिया और उनमें से सर्वसम्मति से चुने गए नेटिव सेनापति ने दिल्ली के बादशाह के नाम से सिपाहियों में इनाम बांटे। यूरोपियनों के घर जलाए गए, नसीराबाद स्वतंत्र हो जाने की घोषणा की गई। विद्रोहियों का दो-तीन
उनके शरीरों के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गए। कर्नल पेनी, कैप्टन स्पाॅटिस वुड भी इस लड़ाई में मारे गए। फिर उस शहर से आशा छोड़कर सारे अंगे्रज बोरिया-बिस्तर लिये भाग खड़े हुए। विद्रोहियों ने खजाना अपने नियंत्रण में कर लिया और उनमें से सर्वसम्मति से चुने गए नेटिव सेनापति ने दिल्ली के बादशाह के नाम से सिपाहियों में इनाम बांटे। यूरोपियनों के घर जलाए गए, नसीराबाद स्वतंत्र हो जाने की घोषणा की गई। विद्रोहियों का दो-तीन