बड़ी बस्ती वहां थी। सन् 1857 के आसपास अंगे्रजों के शिकंजे से छूटने के लिए विद्रोह की चर्चा जिन किन्हीं प्रदेशों में रंग ला रही थी उसमें रूहेलखंड की और उसकी राजधानी की भी गिनती करनी होगी। बरेली में इस समय 9वीं इर्रेग्यूलर घुड़सवार, नेटिव पैदल की अठारह और 68वीं रेजिमेंट तथा नेटिव तोपखाने की एक बैटरी-इतनी नेटिव सेना थी। इस ब्रिगेड का ब्रिगेडियर सिवाल्ड था। अप्रैल में कुछ सिपाहियों ने कारतूसों के संबंध में
बड़ी बस्ती वहां थी। सन् 1857 के आसपास अंगे्रजों के शिकंजे से छूटने के लिए विद्रोह की चर्चा जिन किन्हीं प्रदेशों में रंग ला रही थी उसमें रूहेलखंड की और उसकी राजधानी की भी गिनती करनी होगी। बरेली में इस समय 9वीं इर्रेग्यूलर घुड़सवार, नेटिव पैदल की अठारह और 68वीं रेजिमेंट तथा नेटिव तोपखाने की एक बैटरी-इतनी नेटिव सेना थी। इस ब्रिगेड का ब्रिगेडियर सिवाल्ड था। अप्रैल में कुछ सिपाहियों ने कारतूसों के संबंध में