छूटी। तोप छूटते ही बंदूकों की आवाजें और चिल्ल-पों से आकाश भर गया। बरेली की क्रांति इतनी सूत्रबद्धता से की गई थी कि क्रांति आरंभ होते ही कौन किस यूरोपियन का खून करेगा, यह पहले ही ठहरा लिया
1857 का स्वातंत्र्य समर - 147
गया था। ग्यारह बजते ही 68वीं पैदल सेना ने अपनी लाइन के पास के यूरोपियनों पर आक्रमण किया। छोटी-छोटी टुकड़ियां अलग-अलग बंगलों की ओर तुरत-फुरत चल पड़ीं। बाकी बचे सिपाहियों ने इधर-उधर भागना चाहनेवाले अंगे्रजों की व्यवस्था करने,
छूटी। तोप छूटते ही बंदूकों की आवाजें और चिल्ल-पों से आकाश भर गया। बरेली की क्रांति इतनी सूत्रबद्धता से की गई थी कि क्रांति आरंभ होते ही कौन किस यूरोपियन का खून करेगा, यह पहले ही ठहरा लिया
1857 का स्वातंत्र्य समर - 147
गया था। ग्यारह बजते ही 68वीं पैदल सेना ने अपनी लाइन के पास के यूरोपियनों पर आक्रमण किया। छोटी-छोटी टुकड़ियां अलग-अलग बंगलों की ओर तुरत-फुरत चल पड़ीं। बाकी बचे सिपाहियों ने इधर-उधर भागना चाहनेवाले अंगे्रजों की व्यवस्था करने,