गई थी और अंगे्रज अधिकारी कलकŸाा को-कृपा करके यहां यूरोपियन भेजो ,;थ्वत ळवक ेंाम ेमदक ने म्नतवचमंदेद्धए यह मांग बिलकुल रोते हुए कर रहे थे। इस समय लाॅर्ड केनिंग ने मद्रास, बंबई तथा रंगून से यूरोपियन सेना कैसे मंगाई और चीन पर होनेवाली चढ़ाई रद्द क रवह सारी सेना हिंदुस्थान में ही कैसे रोककर रखी, इसका वर्णन पहले आ चुका हैं उस जगह-जगह से मंगाई गई यूरोपियन ेसना में से मद्रास के फ्युसिलियर के साथ जनरल नील इस
गई थी और अंगे्रज अधिकारी कलकŸाा को-कृपा करके यहां यूरोपियन भेजो ,;थ्वत ळवक ेंाम ेमदक ने म्नतवचमंदेद्धए यह मांग बिलकुल रोते हुए कर रहे थे। इस समय लाॅर्ड केनिंग ने मद्रास, बंबई तथा रंगून से यूरोपियन सेना कैसे मंगाई और चीन पर होनेवाली चढ़ाई रद्द क रवह सारी सेना हिंदुस्थान में ही कैसे रोककर रखी, इसका वर्णन पहले आ चुका हैं उस जगह-जगह से मंगाई गई यूरोपियन ेसना में से मद्रास के फ्युसिलियर के साथ जनरल नील इस