1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

मंे मिल गया था और स्वयं बनारस के राजा ने भी अपनी शक्ति, सारी संपŸिा, सारे अधिकार सबकुछ अपने प्रभु के -काशी विश्वनाथ नहीं अपितु अंगे्रज के चरणों में अर्पित कर दिए। सिपाही तोपों के सामने भी न झुकते हुए लड़ते-लड़ते अंगे्रजों की मार से बाहर सारे प्रांत में फैल गए।

अंगे्रज लोगों ने जाॅन लाॅरेंस की पंजाबी युक्ति अपनाकर बनारस शहर का विद्रोह गर्भावस्था में ही मसल दिया, यह बात सच थी; परंतु इस मसल डालने के समाचार से अधिक बनारस में विद्रोह हुआ,


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मंे मिल गया था और स्वयं बनारस के राजा ने भी अपनी शक्ति, सारी संपŸिा, सारे अधिकार सबकुछ अपने प्रभु के -काशी विश्वनाथ नहीं अपितु अंगे्रज के चरणों में अर्पित कर दिए। सिपाही तोपों के सामने भी न झुकते हुए लड़ते-लड़ते अंगे्रजों की मार से बाहर सारे प्रांत में फैल गए।

अंगे्रज लोगों ने जाॅन लाॅरेंस की पंजाबी युक्ति अपनाकर बनारस शहर का विद्रोह गर्भावस्था में ही मसल दिया, यह बात सच थी; परंतु इस मसल डालने के समाचार से अधिक बनारस में विद्रोह हुआ,


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