1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

आग की ज्वाला में जलकर राख हो जाते। गोद के दूध-पीते बच्चे के साथ उनकी माताएं जलकर राख हो जाती। बिस्तर से लगी बूढ़ी औरतें और पुरूष अपने चारों ओर धधकती आग की ज्वाला में जरा सी सरकने की शक्ति न होने से बिस्तर पर ही जलकर राख हो जाते। और कोई जलकर राख नहीं हुआ? तो एक अंगे्रज अपने पत्र में लिखता है-श्ल्वन ूपसस, ीवूमअमतए इम हतंजपपिमक जव समंतद जींज 20 अपससंहमे ंतम तं्रमक जव हतवनदकण्श् (आज के हमले में हमने बीस


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आग की ज्वाला में जलकर राख हो जाते। गोद के दूध-पीते बच्चे के साथ उनकी माताएं जलकर राख हो जाती। बिस्तर से लगी बूढ़ी औरतें और पुरूष अपने चारों ओर धधकती आग की ज्वाला में जरा सी सरकने की शक्ति न होने से बिस्तर पर ही जलकर राख हो जाते। और कोई जलकर राख नहीं हुआ? तो एक अंगे्रज अपने पत्र में लिखता है-श्ल्वन ूपसस, ीवूमअमतए इम हतंजपपिमक जव समंतद जींज 20 अपससंहमे ंतम तं्रमक जव हतवनदकण्श् (आज के हमले में हमने बीस


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