आग की ज्वाला में जलकर राख हो जाते। गोद के दूध-पीते बच्चे के साथ उनकी माताएं जलकर राख हो जाती। बिस्तर से लगी बूढ़ी औरतें और पुरूष अपने चारों ओर धधकती आग की ज्वाला में जरा सी सरकने की शक्ति न होने से बिस्तर पर ही जलकर राख हो जाते। और कोई जलकर राख नहीं हुआ? तो एक अंगे्रज अपने पत्र में लिखता है-श्ल्वन ूपसस, ीवूमअमतए इम हतंजपपिमक जव समंतद जींज 20 अपससंहमे ंतम तं्रमक जव हतवनदकण्श् (आज के हमले में हमने बीस
आग की ज्वाला में जलकर राख हो जाते। गोद के दूध-पीते बच्चे के साथ उनकी माताएं जलकर राख हो जाती। बिस्तर से लगी बूढ़ी औरतें और पुरूष अपने चारों ओर धधकती आग की ज्वाला में जरा सी सरकने की शक्ति न होने से बिस्तर पर ही जलकर राख हो जाते। और कोई जलकर राख नहीं हुआ? तो एक अंगे्रज अपने पत्र में लिखता है-श्ल्वन ूपसस, ीवूमअमतए इम हतंजपपिमक जव समंतद जींज 20 अपससंहमे ंतम तं्रमक जव हतवनदकण्श् (आज के हमले में हमने बीस