संगम की पे्रम लहरों की ओर दृष्टिपात करें। इलाहाबाद शहर बनारस से कोई सŸार मील की दूरी पर बसा हुआ है। इस प्रयाग क्षेत्र की धार्मिक पवित्रता को वहां अकबर के शासनकाल में निर्मित विस्तीर्ण किले की अपूर्व भव्यता ने बढ़ाया है। कलकŸाा से पंजाब और दिल्ली
1857 का स्वातंत्र्य समर - 163
आदि बड़े-बड़े प्रांतों को जानेवाले सारे महŸवपूर्ण रास्तों का यह इलाहाबाद नाका हाने से इन सब प्रांतों की हलचलों पर निगरानी रखने
संगम की पे्रम लहरों की ओर दृष्टिपात करें। इलाहाबाद शहर बनारस से कोई सŸार मील की दूरी पर बसा हुआ है। इस प्रयाग क्षेत्र की धार्मिक पवित्रता को वहां अकबर के शासनकाल में निर्मित विस्तीर्ण किले की अपूर्व भव्यता ने बढ़ाया है। कलकŸाा से पंजाब और दिल्ली
1857 का स्वातंत्र्य समर - 163
आदि बड़े-बड़े प्रांतों को जानेवाले सारे महŸवपूर्ण रास्तों का यह इलाहाबाद नाका हाने से इन सब प्रांतों की हलचलों पर निगरानी रखने