1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

लिए 6वीं रेजिमेंट ने दो क्रांतिदूतों को पकड़कर अधिकारियों को सौंप दिया। अब शंका की बात ही कहां रही! परंतु सरकार को अभी भी हमारी राजनिष्ठा पर शंका हो तो हमारे हृदय कितने निर्मल हैं-देखना चाहे तो अंगे्रज अधिकारी भी 6वीं रेजिमेंट में आएं-और देखें, कहां-कहां, राजनिष्ठा का सागर लहरा रहा है। इतना ही नहीं अपितु अंगे्रज अधिकारियों के पास दौड़ते हुए पहुंचकर सिपाहियों ने आलिंगन दिए और प्रेम का प्रदर्शन करते हुए उनके दोनों गाल चूमें।


754 of 2102

लिए 6वीं रेजिमेंट ने दो क्रांतिदूतों को पकड़कर अधिकारियों को सौंप दिया। अब शंका की बात ही कहां रही! परंतु सरकार को अभी भी हमारी राजनिष्ठा पर शंका हो तो हमारे हृदय कितने निर्मल हैं-देखना चाहे तो अंगे्रज अधिकारी भी 6वीं रेजिमेंट में आएं-और देखें, कहां-कहां, राजनिष्ठा का सागर लहरा रहा है। इतना ही नहीं अपितु अंगे्रज अधिकारियों के पास दौड़ते हुए पहुंचकर सिपाहियों ने आलिंगन दिए और प्रेम का प्रदर्शन करते हुए उनके दोनों गाल चूमें।


754 of 2102