1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

पूरी तरह छोड़ देते हैं और वह भी कह-सुनकर यदि थोड़ी-बहुत बातें लिखीं तो उससे नील कितना साहसी, कट्टर और बहादुर था, यह सिद्ध करते हैं। ऐसी प्रासंगिक क्रूरता से व्यक्त होता है, ऐसा कुछ लोगों को कहना है। मानव जाति के लिए नील के हृदय में कितनी ममता भरी हुई थी, इस मानवी कल्याण के लिए सके द्वारा दिखाई गई क्रूरता से व्यक्त होता है, ऐसा कुछ लोगों का कहना है। पार्लियामेंट की रिपोर्ट में भी यह कहा गया है। अंग्रेजों


801 of 2102

पूरी तरह छोड़ देते हैं और वह भी कह-सुनकर यदि थोड़ी-बहुत बातें लिखीं तो उससे नील कितना साहसी, कट्टर और बहादुर था, यह सिद्ध करते हैं। ऐसी प्रासंगिक क्रूरता से व्यक्त होता है, ऐसा कुछ लोगों को कहना है। मानव जाति के लिए नील के हृदय में कितनी ममता भरी हुई थी, इस मानवी कल्याण के लिए सके द्वारा दिखाई गई क्रूरता से व्यक्त होता है, ऐसा कुछ लोगों का कहना है। पार्लियामेंट की रिपोर्ट में भी यह कहा गया है। अंग्रेजों


801 of 2102