राव और छबीली जैसे बालक साथ-साथ शिक्षा लेते हैं, साथ-साथ मुस्कराते और साथ-साथ खेलते हैं; किसी एक सदी में ऐसी एक ही परीक्षा होती हैं कि जिसमें ये सारे महानुभव बालक संग्राम पत्रिका पर अद्भुत वीर चरित्र एकमत से लिखते हैं, ऐसी असाधारण शाला का और ऐसी असाधारण परीक्षा का सम्मान ब्रह्यवर्त के राजमहल को प्राप्त हुआ था।
अप्रैल के अंत में क्रंांति पक्ष के संगठन को एकमत करने के लिए हिंदुस्थान के प्रमुख शहरों
राव और छबीली जैसे बालक साथ-साथ शिक्षा लेते हैं, साथ-साथ मुस्कराते और साथ-साथ खेलते हैं; किसी एक सदी में ऐसी एक ही परीक्षा होती हैं कि जिसमें ये सारे महानुभव बालक संग्राम पत्रिका पर अद्भुत वीर चरित्र एकमत से लिखते हैं, ऐसी असाधारण शाला का और ऐसी असाधारण परीक्षा का सम्मान ब्रह्यवर्त के राजमहल को प्राप्त हुआ था।
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