1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

को और भयानक करने के लिए ही शायद उसी समय एक अंगे्रज और उसकी पत्नी-दोनों के शव गंगा प्रवाह में बहते-बहते कानपुर आ गए। ऊपर किसी शहर के विद्रोहियों के लिए कृत्य का साक्ष्य कानपुर से क्या-क्या भयंकर संवाद करेगा? गंगा को अभी ऐसे कितने ही शव बहाने हैं।

‘भेड़िया आया रे भेड़िया’-ऐसी अफवाह उड़ाकर अब तक अंगे्रजों का इतनी बार चकित किया गया था कि अब यदि भेड़िया आया तो भी वे सचमुच सोते रहनेवाले थे। जून क पहली तारीख


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को और भयानक करने के लिए ही शायद उसी समय एक अंगे्रज और उसकी पत्नी-दोनों के शव गंगा प्रवाह में बहते-बहते कानपुर आ गए। ऊपर किसी शहर के विद्रोहियों के लिए कृत्य का साक्ष्य कानपुर से क्या-क्या भयंकर संवाद करेगा? गंगा को अभी ऐसे कितने ही शव बहाने हैं।

‘भेड़िया आया रे भेड़िया’-ऐसी अफवाह उड़ाकर अब तक अंगे्रजों का इतनी बार चकित किया गया था कि अब यदि भेड़िया आया तो भी वे सचमुच सोते रहनेवाले थे। जून क पहली तारीख


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