1857 का स्वातंत्र्य समर - 1857 Ka Svatantrya Samar

अग्रिम लिखित सूचना दी थी। यह बात अति महŸव की है। अंगे्रज यदि नाना के स्थान पर होते तो इतनी उदारता उन्होंने निश्चित ही न दिखाई होती। श्रीमंत नाना के नाम पर अमाुनषता का दाग लगाना चाहनेवाले लोगों को उनके हृदय की यह सहज वीरता देख लज्जा से सिर झुका लेना चाहिए। कानपुर व्रिदोह के


1857 का स्वातंत्र्य समर - 186

प्रारंभ में अंगे्रज अधिकारियों को दिया जीवनदान और आक्रमण करने के बारह घंटे पूर्व दी गई लिखित


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अग्रिम लिखित सूचना दी थी। यह बात अति महŸव की है। अंगे्रज यदि नाना के स्थान पर होते तो इतनी उदारता उन्होंने निश्चित ही न दिखाई होती। श्रीमंत नाना के नाम पर अमाुनषता का दाग लगाना चाहनेवाले लोगों को उनके हृदय की यह सहज वीरता देख लज्जा से सिर झुका लेना चाहिए। कानपुर व्रिदोह के


1857 का स्वातंत्र्य समर - 186

प्रारंभ में अंगे्रज अधिकारियों को दिया जीवनदान और आक्रमण करने के बारह घंटे पूर्व दी गई लिखित


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