यह स्पष्ट लिखा ही है। फिर भी इतने से यह हकीकत समाप्त नहीं होती। उन स्त्रियों को नाना ने मार-काट से बचाकर-नील, रेनाल्ड, हैवलाॅक इन सबको लज्जित किया। इतना ही नहंी अपितु उन स्त्रियों को कैद में रखकर उनको अमानुषिक यंत्रणाएं भी नहीं दी गई। इतना ही नहीं, अंगे्रजों ने हिंदुस्थान में या आॅस्ट्रिया ने इटली में या स्पेन ने मूरिश लोगों को या ग्रीक ने तुर्की लोगों को ऐसी ही परिस्थिति में जितनी कठोरता से सताया है उसकी शतांश कठोरता भी अपने व्यक्ति,
यह स्पष्ट लिखा ही है। फिर भी इतने से यह हकीकत समाप्त नहीं होती। उन स्त्रियों को नाना ने मार-काट से बचाकर-नील, रेनाल्ड, हैवलाॅक इन सबको लज्जित किया। इतना ही नहंी अपितु उन स्त्रियों को कैद में रखकर उनको अमानुषिक यंत्रणाएं भी नहीं दी गई। इतना ही नहीं, अंगे्रजों ने हिंदुस्थान में या आॅस्ट्रिया ने इटली में या स्पेन ने मूरिश लोगों को या ग्रीक ने तुर्की लोगों को ऐसी ही परिस्थिति में जितनी कठोरता से सताया है उसकी शतांश कठोरता भी अपने व्यक्ति,