और सहायता के लिए नौगांव अंगे्रजी छावनी को तथा अन्य स्थानों पर भी तत्काल पत्र भेजे। ये पत्र डालने डनलप साहब डाकघर की ओर जाने लगे तो उन्हें परेड के मैदान पर 12वीं पलटन के सिपाहियों ने गोली से मार डाला। एनसाइन टेलर भी मारा गया। तब सारे अंगे्रज डर के मारे किले की ओर चले गए। उस किले में अंगे्रजों ने सुरक्षा के लिए तोपें निशाने पर लगाकर बारूद की व्यवस्था की हुई थी और उनका यह निश्चय था कि
1857 का स्वातंत्र्य समर - 201
और सहायता के लिए नौगांव अंगे्रजी छावनी को तथा अन्य स्थानों पर भी तत्काल पत्र भेजे। ये पत्र डालने डनलप साहब डाकघर की ओर जाने लगे तो उन्हें परेड के मैदान पर 12वीं पलटन के सिपाहियों ने गोली से मार डाला। एनसाइन टेलर भी मारा गया। तब सारे अंगे्रज डर के मारे किले की ओर चले गए। उस किले में अंगे्रजों ने सुरक्षा के लिए तोपें निशाने पर लगाकर बारूद की व्यवस्था की हुई थी और उनका यह निश्चय था कि
1857 का स्वातंत्र्य समर - 201