खुली हुई बात है। लोग शौक से देते हैं। आप अमीर आदमी हैं, मगर रस्म न बिगाडिएगा। एक बार कोई रस्म टूट जाती है, तो उसका बंधना मुश्किल हो जाता है। इस एक आने में आधा चपरासियों का हक है। जो बडे बाबू पहले थे, वह पचीस रूपये महीना लेते थे, मगर यह कुछ नहीं लेते।'
रमा ने अरूचि प्रकट करते हुए कहा--'गंदा काम है, मैं सगाई से काम करना चाहता हूं।'
बूढ़े मियां ने हंसकर कहा--'अभी गंदा मालूम होता है, लेकिन फिर इसी में मज़ा आएगा।'
खां
खुली हुई बात है। लोग शौक से देते हैं। आप अमीर आदमी हैं, मगर रस्म न बिगाडिएगा। एक बार कोई रस्म टूट जाती है, तो उसका बंधना मुश्किल हो जाता है। इस एक आने में आधा चपरासियों का हक है। जो बडे बाबू पहले थे, वह पचीस रूपये महीना लेते थे, मगर यह कुछ नहीं लेते।'
रमा ने अरूचि प्रकट करते हुए कहा--'गंदा काम है, मैं सगाई से काम करना चाहता हूं।'
बूढ़े मियां ने हंसकर कहा--'अभी गंदा मालूम होता है, लेकिन फिर इसी में मज़ा आएगा।'
खां