गबन - Gaban



जालपा ने गदगद होकर कहा--'तुम्हारे पास अभी इतने रूपये कहां होंगे?'

रमानाथ--'इसका उपाय तो मेरे पास है। तुम्हें कैसा कंगन पसंद है?'

जालपा अब अपने कृत्रिम संयम को न निभा सकी। आलमारी में से आभूषणों का सूची-पत्र निकालकर रमा को दिखाने लगी। इस समय वह इतनी तत्पर थी, मानो सोना लाकर रक्खा हुआ है, सुनार बैठा हुआ है, केवल डिज़ाइन ही पसंद करना बाकी है। उसने सूची के दो डिज़ाइन पसंद किए। दोनों वास्तव में बहुत ही सुंदर थे। पर रमा


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जालपा ने गदगद होकर कहा--'तुम्हारे पास अभी इतने रूपये कहां होंगे?'

रमानाथ--'इसका उपाय तो मेरे पास है। तुम्हें कैसा कंगन पसंद है?'

जालपा अब अपने कृत्रिम संयम को न निभा सकी। आलमारी में से आभूषणों का सूची-पत्र निकालकर रमा को दिखाने लगी। इस समय वह इतनी तत्पर थी, मानो सोना लाकर रक्खा हुआ है, सुनार बैठा हुआ है, केवल डिज़ाइन ही पसंद करना बाकी है। उसने सूची के दो डिज़ाइन पसंद किए। दोनों वास्तव में बहुत ही सुंदर थे। पर रमा


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