यह मेरी समझ में नहीं आता। '
रमा ने बनावटी क्रोध दिखाकर कहा-'किसने आपसे कहा है? ज़रा उसका नाम तो बताइए? मूंछें उखाड़ लूं उसकी! '
दयानाथ-'किसी ने भी कहा हो, इससे तुम्हें कोई मतलब नहीं। तुम उसकी मूंछें उखाड़ लोगे, इसलिए बताऊंगा नहीं, लेकिन बात सच है या झूठ, मैं इतना ही पूछना चाहता हूं।'
रमानाथ-'बिलकुल झूठ! '
दयानाथ-'बिलकुल झूठ? '
रमानाथ-'जी हां, बिलकुल झूठ? '
दयानाथ-'तुम दस्तूरी नहीं लेते? '
रमानाथ-'दस्तूरी रिश्वत नहीं है,
यह मेरी समझ में नहीं आता। '
रमा ने बनावटी क्रोध दिखाकर कहा-'किसने आपसे कहा है? ज़रा उसका नाम तो बताइए? मूंछें उखाड़ लूं उसकी! '
दयानाथ-'किसी ने भी कहा हो, इससे तुम्हें कोई मतलब नहीं। तुम उसकी मूंछें उखाड़ लोगे, इसलिए बताऊंगा नहीं, लेकिन बात सच है या झूठ, मैं इतना ही पूछना चाहता हूं।'
रमानाथ-'बिलकुल झूठ! '
दयानाथ-'बिलकुल झूठ? '
रमानाथ-'जी हां, बिलकुल झूठ? '
दयानाथ-'तुम दस्तूरी नहीं लेते? '
रमानाथ-'दस्तूरी रिश्वत नहीं है,