सुनार बेचारे उनकी क्या बराबरी करेंगे। इसी तरह एक-एक चीज की आलोचना होती रही। सहसा किसी ने कहा--चन्द्रहार नहीं है क्या!
मानकी ने रोनी सूरत बनाकर कहा--नहीं, चन्द्रहार नहीं आया।
एक महिला बोली--अरे, चन्द्रहार नहीं आया?
दीनदयाल ने गंभीर भाव से कहा--और सभी चीजें तो हैं, एक चन्द्रहार ही तो नहीं है।
उसी महिला ने मुंह बनाकर कहा--चन्द्रहार की बात ही और है!
मानकी ने चढ़ाव को सामने से हटाकर कहा--बेचारी के भाग में चन्द्रहार लिखा ही नहीं है।
सुनार बेचारे उनकी क्या बराबरी करेंगे। इसी तरह एक-एक चीज की आलोचना होती रही। सहसा किसी ने कहा--चन्द्रहार नहीं है क्या!
मानकी ने रोनी सूरत बनाकर कहा--नहीं, चन्द्रहार नहीं आया।
एक महिला बोली--अरे, चन्द्रहार नहीं आया?
दीनदयाल ने गंभीर भाव से कहा--और सभी चीजें तो हैं, एक चन्द्रहार ही तो नहीं है।
उसी महिला ने मुंह बनाकर कहा--चन्द्रहार की बात ही और है!
मानकी ने चढ़ाव को सामने से हटाकर कहा--बेचारी के भाग में चन्द्रहार लिखा ही नहीं है।