गहनों पर और स्त्रियों से ज्यादा जान देती हूं- मैंने तो तुमसे कभी आग्रह नहीं किया?तुम्हें जरूरत हो, आज इन्हें उठा ले जाओ, मैं ख़ुशी से दे दूंगी।'
रमा ने मुस्कराकर कहा, 'तो फिर बतलातीं क्यों नहीं?'
जालपा-'मैं यही मांगती कि मेरा स्वामी सदा मुझसे प्रेम करता रहे। उनका मन कभी मुझसे न गिरे।'
रमा ने हंसकर कहा, 'क्या तुम्हें इसकी भी शंका है?'
'तुम देवता भी होते तो शंका होती, तुम तो आदमी हो मुझे तो ऐसी कोई स्त्री न मिली,
गहनों पर और स्त्रियों से ज्यादा जान देती हूं- मैंने तो तुमसे कभी आग्रह नहीं किया?तुम्हें जरूरत हो, आज इन्हें उठा ले जाओ, मैं ख़ुशी से दे दूंगी।'
रमा ने मुस्कराकर कहा, 'तो फिर बतलातीं क्यों नहीं?'
जालपा-'मैं यही मांगती कि मेरा स्वामी सदा मुझसे प्रेम करता रहे। उनका मन कभी मुझसे न गिरे।'
रमा ने हंसकर कहा, 'क्या तुम्हें इसकी भी शंका है?'
'तुम देवता भी होते तो शंका होती, तुम तो आदमी हो मुझे तो ऐसी कोई स्त्री न मिली,