चन्द्रहार न जाने से उसे कितना बुरा लगा था। प्रण कर लिया है, जब तक चन्द्रहार न बन जाएगा, कोई गहना न पहनूंगी।
जागेश्वरी ने अपने पक्ष का समर्थन होते देख, खुश होकर कहा--यही तो मैं इनसे कह रही हूं।
रमानाथ--रोना-धोना मच जायगा और इसके साथ घर का पर्दा भी खुल जायगा।
दयानाथ ने माथा सिकोड़कर कहा--उससे पर्दा रखने की जरूरत ही क्या! अपनी यथार्थ स्थिति को वह जितनी ही जल्दी समझ ले, उतना ही अच्छा।
रमानाथ ने जवानों के स्वभाव के
चन्द्रहार न जाने से उसे कितना बुरा लगा था। प्रण कर लिया है, जब तक चन्द्रहार न बन जाएगा, कोई गहना न पहनूंगी।
जागेश्वरी ने अपने पक्ष का समर्थन होते देख, खुश होकर कहा--यही तो मैं इनसे कह रही हूं।
रमानाथ--रोना-धोना मच जायगा और इसके साथ घर का पर्दा भी खुल जायगा।
दयानाथ ने माथा सिकोड़कर कहा--उससे पर्दा रखने की जरूरत ही क्या! अपनी यथार्थ स्थिति को वह जितनी ही जल्दी समझ ले, उतना ही अच्छा।
रमानाथ ने जवानों के स्वभाव के