एक ने कहा-सूक्ष्म कलाओं की देवी को नमस्कार !
दूसरा बोला-उस देवी को नमस्कार जो अपनी मुखाकृति से मन के समस्त भावों को परकट कर सकती है।
तीसरा बोला-देवता और मनुष्य की लाड़ली को सादर परणाम !
चौथे ने कहा-उसको नमस्कार जिसकी सभी आकांक्षा करते हैं !
पांचवां बोला-उसको नमस्कार जिसकी आंखों में विष है और उसका उतार भी।
छठा बोला-स्वर्ग के मोती को नमस्कार !
सातवां बोला-इस्कन्द्रिया के गुलाब को नमस्कार !
थायस मन में झुंझला
एक ने कहा-सूक्ष्म कलाओं की देवी को नमस्कार !
दूसरा बोला-उस देवी को नमस्कार जो अपनी मुखाकृति से मन के समस्त भावों को परकट कर सकती है।
तीसरा बोला-देवता और मनुष्य की लाड़ली को सादर परणाम !
चौथे ने कहा-उसको नमस्कार जिसकी सभी आकांक्षा करते हैं !
पांचवां बोला-उसको नमस्कार जिसकी आंखों में विष है और उसका उतार भी।
छठा बोला-स्वर्ग के मोती को नमस्कार !
सातवां बोला-इस्कन्द्रिया के गुलाब को नमस्कार !
थायस मन में झुंझला