अलंकार - Alankar



एक ने कहा-सूक्ष्म कलाओं की देवी को नमस्कार !

दूसरा बोला-उस देवी को नमस्कार जो अपनी मुखाकृति से मन के समस्त भावों को परकट कर सकती है।

तीसरा बोला-देवता और मनुष्य की लाड़ली को सादर परणाम !

चौथे ने कहा-उसको नमस्कार जिसकी सभी आकांक्षा करते हैं !

पांचवां बोला-उसको नमस्कार जिसकी आंखों में विष है और उसका उतार भी।

छठा बोला-स्वर्ग के मोती को नमस्कार !

सातवां बोला-इस्कन्द्रिया के गुलाब को नमस्कार !

थायस मन में झुंझला


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एक ने कहा-सूक्ष्म कलाओं की देवी को नमस्कार !

दूसरा बोला-उस देवी को नमस्कार जो अपनी मुखाकृति से मन के समस्त भावों को परकट कर सकती है।

तीसरा बोला-देवता और मनुष्य की लाड़ली को सादर परणाम !

चौथे ने कहा-उसको नमस्कार जिसकी सभी आकांक्षा करते हैं !

पांचवां बोला-उसको नमस्कार जिसकी आंखों में विष है और उसका उतार भी।

छठा बोला-स्वर्ग के मोती को नमस्कार !

सातवां बोला-इस्कन्द्रिया के गुलाब को नमस्कार !

थायस मन में झुंझला


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