यह मछली का कांटा निगल गयी थी। देखो सलाई के बराबर है और उससे भी कहीं तेज। वह तो कहो, मैंने जल्दी से उंगली डालकर निकाल दिया। देवताओं की मुझ पर दया है। वह मुझे अवश्य प्यार करते हैं।'
निसियास ने मुस्कराकर कहा-'ड्रोसिया, तुमने क्या कहा कि देवगण तुम्हें प्यार करते हैं। तब तो वह मनुष्यों ही की भांति सुखदुख का अनुभव कर सकते होंगे। यह निर्विवाद है कि परेम से पीड़ित मनुष्य को कष्टों का सामना अवश्य करना पड़ता है, और उसके वशीभूत
यह मछली का कांटा निगल गयी थी। देखो सलाई के बराबर है और उससे भी कहीं तेज। वह तो कहो, मैंने जल्दी से उंगली डालकर निकाल दिया। देवताओं की मुझ पर दया है। वह मुझे अवश्य प्यार करते हैं।'
निसियास ने मुस्कराकर कहा-'ड्रोसिया, तुमने क्या कहा कि देवगण तुम्हें प्यार करते हैं। तब तो वह मनुष्यों ही की भांति सुखदुख का अनुभव कर सकते होंगे। यह निर्विवाद है कि परेम से पीड़ित मनुष्य को कष्टों का सामना अवश्य करना पड़ता है, और उसके वशीभूत