अलंकार - Alankar

जो विरागवादियों में जब अकेले ही बच रहे हैं। हमारे बीच में वह किसी दिव्य पुरुष की परतिभा की भांति गम्भीर, परौ़, श्वेत खड़े हैं। उनके लिए मेला भी निर्जन, शान्त स्थान है और उनके मुख से जो शब्द निकलते हैं वह किसी के कानों में नहीं पड़ते।'

यूक्राइटीज-'डोरियन, यह तुम्हारा भरम है। सत्य विवेचन अभी संसार से लुप्त नहीं हुआ है। इस्कन्द्रिया, रोम, कुस्तुन्तुनिया आदि स्थानों में मेरे कितने ही अनुयायी हैं। गुलामों की एक बड़ी संख्या


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जो विरागवादियों में जब अकेले ही बच रहे हैं। हमारे बीच में वह किसी दिव्य पुरुष की परतिभा की भांति गम्भीर, परौ़, श्वेत खड़े हैं। उनके लिए मेला भी निर्जन, शान्त स्थान है और उनके मुख से जो शब्द निकलते हैं वह किसी के कानों में नहीं पड़ते।'

यूक्राइटीज-'डोरियन, यह तुम्हारा भरम है। सत्य विवेचन अभी संसार से लुप्त नहीं हुआ है। इस्कन्द्रिया, रोम, कुस्तुन्तुनिया आदि स्थानों में मेरे कितने ही अनुयायी हैं। गुलामों की एक बड़ी संख्या


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