अलंकार - Alankar



पापनाशी-बन्धु पालम, मैं इस्कन्द्रिया जाऊंगा, इस वेश्या की तलाश करुंगा और ईश्वर की सहायता से उसका उद्घार करुंगा। यही मेरा संकल्प है। आप इसे उचित समझते हैं ?'

पालम-'पिरय बन्धु, मैं एक अधम पराणी हूं किन्तु हमारे पूज्य गुरु एण्तोनी का कथन था कि मनुष्य को अपना स्थान छोड़कर कहीं और जाने के लिए उतावली न करनीचाहिए।'

पापनाशी-'पूज्य बन्धु, क्या आपको मेरा परस्ताव पसन्द नहीं है ?'

पालम-'पिरय पापनाशी, ईश्वर न करे कि मैं अपने बन्धु के विशुद्ध भावों पर शंका करुं,


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पापनाशी-बन्धु पालम, मैं इस्कन्द्रिया जाऊंगा, इस वेश्या की तलाश करुंगा और ईश्वर की सहायता से उसका उद्घार करुंगा। यही मेरा संकल्प है। आप इसे उचित समझते हैं ?'

पालम-'पिरय बन्धु, मैं एक अधम पराणी हूं किन्तु हमारे पूज्य गुरु एण्तोनी का कथन था कि मनुष्य को अपना स्थान छोड़कर कहीं और जाने के लिए उतावली न करनीचाहिए।'

पापनाशी-'पूज्य बन्धु, क्या आपको मेरा परस्ताव पसन्द नहीं है ?'

पालम-'पिरय पापनाशी, ईश्वर न करे कि मैं अपने बन्धु के विशुद्ध भावों पर शंका करुं,


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