अलंकार - Alankar

वह आइवे के समान ही मूर्ख और कुटिल था और हौवा को एकान्त में इसीलिए उपदेश देता था कि स्त्री को बहकाना बहुत कठिन न था। आदमी अधिक चतुर और अनुभवशील होने के कारण, उसकी बुरी नीयत को ताड़ लेता। यहां उसकी दाल न गलती इसलिए मैं सर्प की साधुता का कायल हूं, न कि उसकी बुद्धिमत्ता का।'

जेनाथेमीज-'डोरियन, तुम्हारी शंका निमूर्ल है। तुम्हें यह नहीं मालूम है कि जीवन के सवोर्च्च और गू़तम रहस्य बुद्धि और अनुमान द्वारा गरहण नहीं किये जा सकते,


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वह आइवे के समान ही मूर्ख और कुटिल था और हौवा को एकान्त में इसीलिए उपदेश देता था कि स्त्री को बहकाना बहुत कठिन न था। आदमी अधिक चतुर और अनुभवशील होने के कारण, उसकी बुरी नीयत को ताड़ लेता। यहां उसकी दाल न गलती इसलिए मैं सर्प की साधुता का कायल हूं, न कि उसकी बुद्धिमत्ता का।'

जेनाथेमीज-'डोरियन, तुम्हारी शंका निमूर्ल है। तुम्हें यह नहीं मालूम है कि जीवन के सवोर्च्च और गू़तम रहस्य बुद्धि और अनुमान द्वारा गरहण नहीं किये जा सकते,


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