मार्कस-'यह मेरे लिए कलंक की बात होगी अगर मैं त्र्काइस्ट, ईसू और उद्घारक के सिवाय और किसी नाम से याद करुं। वही ईश्वर का सच्चा बेटा है। लेकिन वह अनादि नहीं है, क्योंकि उसने जन्म धारण किया। यह तर्क करना कि जन्म से पूर्व भी उसका अस्तित्व था, मिथ्यावादी नीसाई गधों का काम है।
यह कथन सुनकर पापनाशी अन्तवेर्दना से विकल हो उठा। उसके माथे पर पसीने की बूंदें आ गयीं। उसने सलीब का आकार बनाकर अपने चित्त को शान्त किया, किन्तु मुख से एक शब्द भी न निकाला।
मार्कस-'यह मेरे लिए कलंक की बात होगी अगर मैं त्र्काइस्ट, ईसू और उद्घारक के सिवाय और किसी नाम से याद करुं। वही ईश्वर का सच्चा बेटा है। लेकिन वह अनादि नहीं है, क्योंकि उसने जन्म धारण किया। यह तर्क करना कि जन्म से पूर्व भी उसका अस्तित्व था, मिथ्यावादी नीसाई गधों का काम है।
यह कथन सुनकर पापनाशी अन्तवेर्दना से विकल हो उठा। उसके माथे पर पसीने की बूंदें आ गयीं। उसने सलीब का आकार बनाकर अपने चित्त को शान्त किया, किन्तु मुख से एक शब्द भी न निकाला।