उनमें आदिम सत्यानिष्ठा का संचार नहीं कर सकता। जो कुछ हो गया, हो गया, यह सृष्टि अनन्तकाल तक दूषित रहेगी। लेकिन कमसे-कम मैं अपने बालकों को इस दशा में न छोडूं़गी। उनकी रक्षा करना मेरा कर्त्तव्य है। यदि मैं उन्हें अपने समान सुखी नहीं बना सकती तो अपने को उनके समान दुःखी तो बना सकती हूं। मैंने ही देहधारी बनाया है, जिससे उनका अपकार होता है; अतएव मैं स्वयं उन्हीं कीसी देह धारण करुंगी और उन्हीं के साथ जाकर रहूंगी।'
'यह निश्चय
उनमें आदिम सत्यानिष्ठा का संचार नहीं कर सकता। जो कुछ हो गया, हो गया, यह सृष्टि अनन्तकाल तक दूषित रहेगी। लेकिन कमसे-कम मैं अपने बालकों को इस दशा में न छोडूं़गी। उनकी रक्षा करना मेरा कर्त्तव्य है। यदि मैं उन्हें अपने समान सुखी नहीं बना सकती तो अपने को उनके समान दुःखी तो बना सकती हूं। मैंने ही देहधारी बनाया है, जिससे उनका अपकार होता है; अतएव मैं स्वयं उन्हीं कीसी देह धारण करुंगी और उन्हीं के साथ जाकर रहूंगी।'
'यह निश्चय