देख रहे हैं। तुम लोग उसी रमणी को देख रहे हो जो अपनी कुरसी पर तकिया लगाये बैठी हुई है-आंखों में आंसू की बूंदें मोतियों की तरह झलक रही हैं और अधरों पर अतृप्त पेरम की इच्छा ज्योत्सना की भांति छाई हुई है। यह वही स्त्री है। वही अनुपम सौन्दर्य वाली योनिया, वही विशालरूपधारिणी हेलेन, इस जन्म में मनमोहिनी थायस है !'
फिलिना-'कैसी बातें करते हो कलित्र्कान्त ? थायस ट्रोजन की लड़ाई में ? क्यों थायस, तुमने एशिलीज आजक्स, पेरिस आदि
देख रहे हैं। तुम लोग उसी रमणी को देख रहे हो जो अपनी कुरसी पर तकिया लगाये बैठी हुई है-आंखों में आंसू की बूंदें मोतियों की तरह झलक रही हैं और अधरों पर अतृप्त पेरम की इच्छा ज्योत्सना की भांति छाई हुई है। यह वही स्त्री है। वही अनुपम सौन्दर्य वाली योनिया, वही विशालरूपधारिणी हेलेन, इस जन्म में मनमोहिनी थायस है !'
फिलिना-'कैसी बातें करते हो कलित्र्कान्त ? थायस ट्रोजन की लड़ाई में ? क्यों थायस, तुमने एशिलीज आजक्स, पेरिस आदि