होंठ से पकड़ने की चेष्टा कर रहा था। ड्रोसिया खिलखिला रही थी और बूंदें गुदगुदे वक्ष पर, आया कि भांति डोरियन के होंठों के सामने से भागती थीं।
सहसा यूत्र्काइटीज उठा और निसियास के कन्धे पर हाथ रखकर उसे दूसरे कमरे के दूसरे सिरे पर ले गया।
उसने मुस्कराते हुए कहा-'मित्र, इस समय किस विचार में हो, अगर तुममें अब भी विचार करने की सामथ्र्य है।'
निसियास ने कहा-'मैं सोच रहा हूं कि स्त्रियों का परेम अडॉनिस* की वाटिका के समान है।'
होंठ से पकड़ने की चेष्टा कर रहा था। ड्रोसिया खिलखिला रही थी और बूंदें गुदगुदे वक्ष पर, आया कि भांति डोरियन के होंठों के सामने से भागती थीं।
सहसा यूत्र्काइटीज उठा और निसियास के कन्धे पर हाथ रखकर उसे दूसरे कमरे के दूसरे सिरे पर ले गया।
उसने मुस्कराते हुए कहा-'मित्र, इस समय किस विचार में हो, अगर तुममें अब भी विचार करने की सामथ्र्य है।'
निसियास ने कहा-'मैं सोच रहा हूं कि स्त्रियों का परेम अडॉनिस* की वाटिका के समान है।'