अलंकार - Alankar

हां, वही ! अलबीना, जो महल में पैदा हुई और सुनहरे वस्त्र धारण करती रही, जो संसार के सबसे बड़े नरेश की पुत्री है, उसे मसीह की दासी का उच्चपद पराप्त हुआ है। वह अब झोंपड़े में रहती है, मोटे वस्त्र पहनती है और कई दिन तक उपवास करती है। वह अब तेरी माता होगी, और तुझे अपनी गोद में आश्रय देगी।'

थायस चौकी पर से उठ बैठी और बोली-'मुझे इसी क्षण अलबीना के आश्रम में ले चलो।'

पापनाशी ने अपनी सफलता पर मुगध होकर कहा-'तुझे वहां अवश्य


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हां, वही ! अलबीना, जो महल में पैदा हुई और सुनहरे वस्त्र धारण करती रही, जो संसार के सबसे बड़े नरेश की पुत्री है, उसे मसीह की दासी का उच्चपद पराप्त हुआ है। वह अब झोंपड़े में रहती है, मोटे वस्त्र पहनती है और कई दिन तक उपवास करती है। वह अब तेरी माता होगी, और तुझे अपनी गोद में आश्रय देगी।'

थायस चौकी पर से उठ बैठी और बोली-'मुझे इसी क्षण अलबीना के आश्रम में ले चलो।'

पापनाशी ने अपनी सफलता पर मुगध होकर कहा-'तुझे वहां अवश्य


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