शिकारी, पालकी उठाने वाले, हरकारे जिनकी मासपेशियां अत्यन्त सुदृ़ थीं, दो कुशल माली, छः भयंकर रूप के हब्शी और तीन यूनानी गुलाम, जिनमें एक वैयाकरण था, दूसरा कवि और तीसरा गायक सब आकर एक लम्बी कतार मंें खड़े हो गये। उनके पीछे हब्शिनें आयीं जिनकी बड़ीबड़ी गोल आंखों में शंका, उत्सुकता और उद्विग्नता झलक रही थी, और जिनके मुख कानों तक फटे हुए थे। सबके पीछे छः तरुणी रूपवती दासियां, अपनी नकाबों को संभालती और धीरेधीरे बेड़ियों से
शिकारी, पालकी उठाने वाले, हरकारे जिनकी मासपेशियां अत्यन्त सुदृ़ थीं, दो कुशल माली, छः भयंकर रूप के हब्शी और तीन यूनानी गुलाम, जिनमें एक वैयाकरण था, दूसरा कवि और तीसरा गायक सब आकर एक लम्बी कतार मंें खड़े हो गये। उनके पीछे हब्शिनें आयीं जिनकी बड़ीबड़ी गोल आंखों में शंका, उत्सुकता और उद्विग्नता झलक रही थी, और जिनके मुख कानों तक फटे हुए थे। सबके पीछे छः तरुणी रूपवती दासियां, अपनी नकाबों को संभालती और धीरेधीरे बेड़ियों से